बहुत कुछ लगाना पड़ता है | आग लगाने वाली शायरी - Aag lgane wali Gazal Sher Shayari

आज हम आपके लिए लेकर आये है आग लगाने वाली शायरी और गजल जिन्हे पढ़कर आप अच्छा महसूस करेनेगे , हमने हिंदी भाषा मे लिखी है बेहतरीन दो लाइन आग शायरी जीने आप अपनों के साथ साँझा कर सकते है | 


आग लगाने वाली शायरी

आग लगाने वाली शायरी -  Aag Lagane Wali shayari Urdu Gazal 


बहुत कुछ लगाना पड़ता है ,एक आशिया बनाने में !


बहुत कुछ लगाना पड़ता है ,एक आशिया बनाने में !
लोग एक पल भी नहीं लगाते आग लगाने  में !!

कैसे देखता सपने ,कभी सोया ना गहरी निंदो में !
मैने  जग-जग कर गुजारी थी राते उसे  सुलाने में !!

 कैसे बताऊ की किन किन इम्तिहानो से गुजर कर आया हूँ  !
मेरे प्यार को आजमाया था सिर्फ प्यार को भुलाने में !!

इतना मुश्किल नहीं था मेरे लिए मंजिल को पा लेना !
कमबख्त मेरे अपनों ने कसर नहीं छोड़ी  मुझे गिराने  में !!

मत बदलो रुख यूँ , की कोई जलता द्वीप बुझ जाये !
मुद्द्ते लग जाती है एक चिराग जलाने में !!

कहाँ है मुहब्त की स्याही इतनी गहरी, की सब्दो को उकेर सकूँ !
थोड़ा दर्द भी तो चाहिए कलम को चलाने में !!

                                 @ khudkikalam

बदले की आग शायरी : Badale Ki Aag Shayari Hindi 


बदले की आग लगी है सीने में , 

कसर न छोड़ी लोगो ने खून पिने में || 


आग लगा देने वाली मोटिवेशनल शायरी


आग लगा दो उन बस्तियों को , 

जहाँ सकून गायब है || 



आग अपने ही लगाते है जिंदगी को भी लाश को भी


आग लगी है जहन में मेरे , 

बर्बादी तह है तेरे जीवन में ||



लगा दो आग पानी में शायरी


पानी में आग लगाने के शौकीन , 

बारिश में जल गए ||



बदन की आग शायरी



आग जलाई थी तन सेकने को , 

कुछ पतंगे लिबाश जलाने उठ गए || 




आपको आग पर हिंदी शायरी दो लाइन पढ़कर अच्छा लगा होगा और भी अधिक हिंदी शायरी जैसे - जलाने पर शायरी , जिंदगी पर शायरी हिंदी , और मोत पर शायरी इत्यधि पढ़ने के लिए हम से जुड़े रहे | 

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